पाठ्यक्रम: GS3/ अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत क्रिप्टो परिसंपत्तियों की प्रतिवेदन संबंधी बाध्यताओं पर एक मार्गदर्शक टिप्पणी जारी की है। इसका उद्देश्य भारत के कर प्रतिवेदन ढाँचे को आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के क्रिप्टो परिसंपत्ति प्रतिवेदन ढाँचे के अनुरूप बनाना है।
मार्गदर्शक टिप्पणी की आवश्यकता
- क्रिप्टो परिसंपत्तियों के तीव्र विस्तार ने पारंपरिक वित्तीय प्रणाली से बाहर परिसंपत्तियों का हस्तांतरण एवं धारण करना अधिक सरल बना दिया है, जिससे कर अपवंचन का पता लगाना कठिन हो गया है।
- वर्तमान वैश्विक कर प्रतिवेदन मानक, जैसे सामान्य प्रतिवेदन मानक, क्रिप्टो परिसंपत्तियों को पर्याप्त रूप से समाहित नहीं करते।
- इसलिए, भारत ने कर अनुपालन एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए अपने प्रतिवेदन ढाँचे को ओईसीडी के क्रिप्टो परिसंपत्ति प्रतिवेदन ढाँचे के अनुरूप बनाया है।
क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ
- क्रिप्टो परिसंपत्ति प्रतिवेदन ढाँचे के अनुसार, क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ ऐसी मूल्य की डिजिटल अभिव्यक्ति हैं, जो कूटलेखन-सुरक्षित वितरित बही-खाता प्रणाली अथवा समान प्रौद्योगिकी पर आधारित होती हैं, जो लेन-देन का सत्यापन एवं सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- इसमें क्रिप्टो मुद्राएँ तथा कूटलेखन-आधारित टोकन सम्मिलित हैं।
- मूल्य की डिजिटल अभिव्यक्ति का अर्थ है कि क्रिप्टो परिसंपत्ति किसी मूल्य पर अधिकार का प्रतिनिधित्व करती है तथा उसके स्वामित्व या अधिकार का डिजिटल माध्यम से अन्य व्यक्तियों अथवा संस्थाओं को हस्तांतरण अथवा व्यापार किया जा सकता है।
ओईसीडी का क्रिप्टो परिसंपत्ति प्रतिवेदन ढाँचा क्या है?
- क्रिप्टो परिसंपत्ति प्रतिवेदन ढाँचा एक वैश्विक कर पारदर्शिता ढाँचा है, जिसे ओईसीडी ने वर्ष 2022 में विकसित किया था।
- इसे जी-20 बाली नेताओं की घोषणा (2022) में अनुमोदित किया गया।
- कर उद्देश्यों हेतु पारदर्शिता एवं सूचना के आदान-प्रदान पर वैश्विक मंच इसके कार्यान्वयन की निगरानी कर रहा है।
- उद्देश्य: यह सुनिश्चित करना कि कर प्राधिकरणों को क्रिप्टो लेन-देन की वही जानकारी प्राप्त हो, जैसी उन्हें सामान्य प्रतिवेदन मानक के अंतर्गत बैंक खातों के संबंध में प्राप्त होती है।
- यह ढाँचा निम्न पर लागू होता है: प्रासंगिक क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ, जिनमें क्रिप्टो मुद्राएँ तथा भुगतान अथवा निवेश के लिए प्रयुक्त अन्य क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ सम्मिलित हैं।
- प्रतिवेदन करने वाले क्रिप्टो परिसंपत्ति सेवा प्रदाता, जैसे– क्रिप्टो विनिमय मंच, दलाल, व्यापारी तथा अन्य मध्यस्थ, जो क्रिप्टो लेन-देन को सुगम बनाते हैं।
- ऐसे सभी घरेलू एवं सीमा-पार क्रिप्टो लेन-देन, जो प्रतिवेदन करने वाले सेवा प्रदाताओं के माध्यम से किए जाते हैं।
मार्गदर्शक टिप्पणी के प्रमुख प्रावधान
- क्रिप्टो परिसंपत्ति सेवा प्रदाताओं की प्रतिवेदन संबंधी बाध्यताएँ निम्नलिखित हैं:
- अपने ग्राहक को जानें प्रक्रिया के अंतर्गत ग्राहकों का सत्यापन करना।
- प्रत्येक ग्राहक की कर रेजीडेंसी स्थिति का निर्धारण करना।
- उपयोगकर्ताओं से करदाता पहचान संख्या तथा स्व-प्रमाणीकरण प्राप्त करना।
- सभी प्रतिवेदनीय क्रिप्टो लेन-देन का अभिलेख सुरक्षित रखना।
- प्रपत्र 167 के माध्यम से वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।
- सत्यापन हेतु अभिलेख सुरक्षित रखना तथा निर्धारित प्रतिवेदन समय-सीमा का पालन करना।
महत्त्व
- कर अपवंचन पर नियंत्रण: यह क्रिप्टो आय एवं विदेशों में धारित क्रिप्टो परिसंपत्तियों को छिपाने की संभावना को कम करता है।
- आँकड़ा-आधारित कर प्रशासन को बढ़ावा: कर प्राधिकरणों को सत्यापित लेन-देन-स्तरीय जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे जोखिम मूल्यांकन एवं कर प्रवर्तन अधिक प्रभावी होगा।
- वैश्विक मानकों के अनुरूपता: यह भारत के कर प्रतिवेदन ढाँचे को ओईसीडी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानकों के अनुरूप बनाता है।
Source: IE
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